Month: July 2019

इन तरीकों का सेक्स आपको दे सकता है दुगना मज़ा

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माना जाता है कि सेक्स में पुरुषों को महिलाओं की तुलना में ज्यादा आनंद आता है जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है. सेक्स का असली मजा ही तब है जब दोनों पार्टनर उसका भरपूर आनंद ले रहे हों.महिलाएं भी सेक्स में उतनी ही रूचि लेती हैं जितने की पुरुष लेते हैं.आप भी अपनी सेक्स लाइफ को और ज्यादा रोमांचक और मजेदार बनाना चाहते हैं तो इन सेक्स पोजीशन को ज़रूर ट्राई करें. इन तरीकों से अगर सेक्स किया जाये तो आपको दुगना मज़ा आ सकता है.  * वुमन ऑन टॉप, महिलाओं की सबसे पसंदीदा सेक्स पोजीशन है. इस पोजीशन में पूरा कंट्रोल महिला के पास होता है. इसमें महिला पुरुष के ऊपर उसकी तरफ मुंह करके बैठ जाती है और फिर दोनों सेक्स करते हैं. * दि मैजिक माउंटेन, डॉगी स्टाइल का ही एक बदला हुआ स्वरुप है. इस पोजीशन में महिला बहुत ज्यादा उत्तेजित हो जाती है और इस पोजीशन में दोनों पार्टनर आसानी से आर्गेज्म हासिल कर लेते हैं.

मदरसे में छापा मारना इतना भी आसान नहीं था.. लेकिन जो आसान नहीं था वो कर के दिखाया शामली पुलिस ने, IPS अजय कुमार के नेतृत्व में

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जैसे ही मस्जिद , मदरसे या मजार आदि का नाम आता है वैसे ही कई आँख और कान उसी तरफ घूम जाते हैं .. चाहे वो किसी भी मत या मजहब के क्यों न हों .. ये मामला तो देवबंद से बस कुछ ही किलोमीटर दूर का था जहाँ पर रेवले गेटों पर लिखा ‘सावधानी हटी , दुर्घटना घटी’ का सिद्धांत पूरी तरह से लागू था. ये लक्ष्य इतना आसान नहीं था भेदना और अर्जुन के रूप में खड़े SP शामली अजय कुमार के आगे उस मछली की आँख भेदना लक्ष्य था जो लगातार तेजी से घूम रही थी .. एक के बाद एक शानदार उपलब्धि हासिल करती शामली पुलिस के लिए अब 4 रोहिग्य को गिरफ्तार करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. इसको उपलब्धि इसलिए भी कहा जा सकता है क्योकि इसका सम्बन्ध सीधे भारत की आन्तरिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और जब नाम किसी रोहिग्या का आता है तो न किसी जिले की पुलिस बल्कि प्रदेश और दिल्ली तक एक सनसनी फ़ैल जाती है. यकीनन शामली पुलिस का ये कार्य ऐसा है जो

महिला कांवड़ियों पर बरसने लगे पत्थर.. जब तक कोई कुछ कर पाता तब तक लगने लगे उन्मादी नारे.. पुलिस आई तो उसे भी नहीं छोड़ा.. ये बिहार है

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ये बिहार है..उन सेक्यूलर नीतीश कुमार की सत्ता वाला बिहार जहाँ पिछले दिनों ही एक चिट्ठी वायरल हुई थी, जिसमें आरएसएस सहित तमाम हिन्दू संगठनों की निगरानी के आदेश दिए गये. लेकिन अब उसी बिहार में महिला कांवड़ियों पर हमला हुआ है तथा ये हमला किया गया है कथित शांतिप्रिय मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा. खबर के मुताबिक़, बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बरुराज थाना क्षेत्र में एक मस्जिद के पास से गुजर रहीं महिला कांवरियों पर कथित तौर पर पत्थर फेंके गए. महिला कांवड़ियों को बचाने के लिए आई पुलिस पर भी हमला किया गया. चलते इलाके में स्थिति तनावपूर्ण हो गई और इलाके में भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती करनी पड़ी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब उन्मादी पत्थर फेंक रहे थे तो स्थिति संभालने के लिए पुलिस बल आगे आया, लेकिन उन्मादियों ने पुलिस वालों को भी नहीं छोड़ा. हालांकि पुलिस ने स्थिति को स

मस्जिद को बना डाला था मासूमों की इज्जत पर हाथ डालने का अड्डा.. पुलिस ने दबोचा कुकर्मी मौलवी को

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कहने को वो मस्जिद थी तथा मुनीर अहमद वहां का मौलवी था जो लोगों को दीन की तालीम दिया करता था साथ ही वह मुस्लिम बच्चों को पढ़ाता भी था. सभी लोग मस्जिद के मौलवी मुनीर अहमद का बहुत सम्मान करते थे लेकिन जब मौलवी तथा मस्जिद के अंदर की हकीकत सामने आयी तो लोगों के होश उड़ गये. मौलवी ने मस्जिद को मासूमों की इज्जत पर हाथ डालने का अड्डा बना डाला था. इस बात का खुलासा तब हुआ जब मस्जिद के मौलवी का काला साया एक 8 वर्षीय मासूम पर पड़ा, जिसके साथ मौलवी अपनी हवस मिटाना चाहता था तथा बच्ची के साथ अश्लीलता करता था. जब मौलवी अक्सर बच्ची के साथ दरिंदगी करने लगा तो बच्ची घर में गुमसुम रहने लगी. बच्ची को परेशान देख उसके पिता ने पूछताछ की तो बच्ची ने मौलवी की गंदी हरकतों का काला चिटठा खोल दिया. मस्जिद के मौलवी की काली सच्चाई सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा तथा लोगों ने मस्जिद कूच किया. गुस्साए लोग

सिर्फ तीन तलाक और हलाला ही नहीं.. जानिये क्या होता है हुल्ला, इद्दत और खुला ?

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देश में इस तीन तलाक को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है. विपक्ष के कड़े अवरोध के बाद भी केंद्र सरकार ने लोकसभा से तीन तलाक बिल पास करा लिया है. अब ये बिल राज्यसभा में रखा जाएगा, जहाँ से पास कराने के लिए केंद्र सरकार अपनी योजनायें बनाने में जुटी हुई है. खैर तीन तलाक को लगभग सभी लोग जानते ही हैं तथा तीन तलाक के साथ ही हलाला के खिलाफ भी आवाज उठ रही हैं. हलाला के बारे में लगभग सभी लोग जानते ही हैं तथा ये भी जानते हैं कि हलाला की आड़ में किस तरह मुस्लिम महिलाओं का शारीरिक शोषण किया जाता है. तीन तलाक और हलाला के अलावा भी इस्लाम के कुछ ऐसे शब्द हैं, जिन्हें जानना जरूरी है तथा ये शब्द हैं हुल्ला, इद्दत और खुला. जैसा कि सभी तीन तलाक के बाद अगर आदमी अपनी बीवी को दोबारा अपनाना चाहे तो उसे तब तक नहीं पा सकता, जब तक उस औरत ने फॉर्मल तरीके से दूसरे मर्द से शादी ( सेक्स) न की हो और उसके बा

मदरसे में अब तक मिल रहे थे हथियार, अब मिले रोहिग्या भी.. शरण के साथ रहना खाना सब मिल रहा था शामली में

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खबर से पहले शामली पुलिस की तत्परता लिखना होगा जिसने अपनी सतर्क नजरे बनाए रखी और हर संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान दिया.. उसका प्रतिफल एक सुखद परिणाम के रूप में सामने आया है जहाँ भारतीय समाज के अन्दर छिपे संदिग्ध रोहिग्या दबोचे गये और अब उनका फैसला क़ानून करेगा.. IPS अजय कुमार के नेतृत्व में शामली पुलिस के तमाम GOOD WORKS में एक और बड़ा काम तब शामिल हुआ जब मदरसे से 4 रोहिग्या गिरफ्तार किये गये ..ज्ञात हो कि शामली पुलिस के थाना थानाभवन को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब तत्परता दिखाते हुए 4 संदिग्ध रोहिग्या व तीन मदरसों के संचालकों समेत कुल 07 संदिग्धों को पुलिस की तत्परता के चलते दबोच लिया गया.  इस बेहद गंभीर सूचना पर शामली के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने एक स्पेशल टीम लगाकर ख़ुद नेतृत्व करते हुए थानाभवन व जलालाबाद स्थित मदरसों पर कराई ताबड़तोड़ छापेमारी और उसके आपेक्षित परिणाम निकले ..इस माम

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना बोलीं- “लेने को तैयार हैं हम भारत के सारे बांग्लादेशी…. लेकिन बहुत कड़ी शर्त है”

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बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में घुसपैठ कर चुके बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर बड़ा बयान दिया है. बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह भारत से बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस लेने को तैयार हैं लेकिन इसके लिए उन्होंने एक शर्त रखी है. बांग्लादेश में एक बैठक के दौरान प्रधानमंत्री हसीना ने असम के एनआरसी के संदर्भ में कहा कि इसके पीछे ये शर्त होगी कि भारत को यह प्रमाणित करना होगा कि वे वाकई बांग्लादेशी नागरिक हैं, जो चोरी छिपे भारत में चले गये थे. ज्ञात हो कि असम एनआरसी की अंतिम सूची में 40 लाख लोगों को अवैध प्रवासी माना गया है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई अवसरों पर इन अवैध घुसपैठियों पर अपनी नाराजगी सार्वजनिक तौर पर जाहिर कर चुके हैं. अभी हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में भी यह बयान

रिटायर फौजी ने गांव वालों के लिए दान कर जिंदगी भर की कमाई, गांव के लिए बनवाई सड़क

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New Delhi : देश की सेवा में अपनी पूरी जिंदगी लगाने वाले सेना के रिटायर्ड फौजी से गांव के लोगों का दर्द नहीं देखा गया और सड़क निर्माण के लिए पांच लाख रुपए दान में दे दिए। रिटायर फौजी की तरफ से गांव के लोगों को दी गई इस सौगात से यहां के लोगों को दुर्गम पहाड़ियों पर 800 मीटर का कच्चा रास्ता मिल गया। गांव के विकास के लिए फौजी की तरफ से उठाए गए इस कदम की हर तरफ तारीफ हो रही है। लेकिन, फौजी की मेहनत सफल नहीं रहीं। कारण बरसात में एक बार फिर से कच्ची सड़क बह गई। एक बार फिर से उन्होंने सड़क की मरम्मत के लिए 75 हजार रुपए दान दिए है। जी हां, हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिले के बैजनाथ उपमंडल की मझेडा पंचायत के लुगट गांव के फौजी सरदारी लाल ने गांव के लोगों की समस्या को देखकर इतना बड़ा कदम उठाया। लुगट गांव में करीब 30 परिवार रहते हैं, लेकिन अभी तक देश और दुनिया से यह गांव नहीं जुड़ा हुआ है। इस

बिट्टा ने कहा-जम्मू कश्मीर से हटकर रहेगी धारा-370..POK पर भी हमारा कब्जा होगा

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New Delhi :  ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनिदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद देश में कोई आतंकी घटना नहीं हुई है। देश का नेतृत्व मजबूत है और केंद्र सरकार ने भी सेना को खुली छूट दे रखी है। पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अतर सिंह मुलतानी सहित सुशील जैन ने कहा कि देश की सेना किसी भी परिस्थिति में दुश्मन से टक्कर लेने को तैयार है। कार्यक्रम में शहीद हुए जवानों के परिजनों को शॉल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर प्रदीप चौहान, शमशेर सिंह, अजयपाल राणा, कंवरपाल, विनोद कुमार, राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे। बिट्टा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 अवश्य हटकर रहेगी। सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा, जबकि पाक अधिकृत कश्मीर पर भी भारत का हक है और हम अपना हक वापिस ल

कश्मीर में बिगड सकते हैं हालात, इकट्ठा कर लें 4 महीनें का राशन, अफसर की चिट्ठी वायरल

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श्रीनगर। कश्मीर में सुरक्षाबलों की सौ अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती से अफवाहों का बाजार गर्म है। एक ओर जहां कश्मीर में आने वाले दिनों में कानून एवं व्यवस्था खराब होने की बात की जा रही है, वहीं राजनीतिक दलों ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं- बडगाम में रेलवे सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने पत्र लिखकर कर्मचारियों से लंबे समय तक कश्मीर घाटी में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के कारण राशन जमा करने समेत अन्य कदम उठाने का आह्वान किया, हालांकि रेलवे ने इस पर सफाई दी है और कहा है कि पत्र का कोई आधार नहीं है।बडगाम में रेलवे सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने पत्र लिखकर कर्मचारियों से ‘लंबे समय तक’ कश्मीर घाटी में ‘कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका’ के कारण राशन जमा करने समेत अन्य कदम उठाने का आह्वान किया।जानकारी हो कि सोशल मीडिया पर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स का एक पत्र तेजी के साथ वायरल ह