इस बीमारी से रात-रात भर रोती रहीं दीपिका पादुकोण

 

New Delhi : बैंगलुरु में रहने वाली एना चांडी लोगों को डिप्रेशन से निकालने में मदद करती हैं। हाल ही में इनका एक वीडियो भी आया है, जो चार मिनट का है। लोगों को डिप्रेशन से निकालने का इनका वीडियो युवाओं में लोकप्रिय हो रहा है।

वे दीपिका पादुकोण को भी इस तरह के अवसाद से निकाल चुकी हैं। कई सेलेब्स उनके पास अपने इलाज के लिए आते हैं। 30 साल से वे इसी तरह से लोगों की सेवा कर रही हैं।
एक interview के दौरान दीपका पादुकोण ने बताया था की फरवरी 2014 में जब मेरे पेट में अजीब-सा होता था। मुझे लगा कि ये थकान है, इसलिए मैंने अपना ध्यान अपने काम पर लगाया। फिर भी ये अहसास कम नहीं हुआ।

सांसें भारी-भारी चलने लगी थीं, काम में एकाग्रता कम हो चली थी। दिन-ब-दिन ये स्थितियां और भी बदतर होती जा रही थीं। फिर मैंने अपनी मां से बात की। मां ने अपनी मनोचिकित्सक दोस्त एना चांडी से बात की और एना आंटी बेंगलुरू से मुंबई पहुंची।

मैंने एना आंटी के सामने अपना दिल खोल दिया। दिन में कई-कई बार मैं रात-रात भर रोया करती थी। एना आंटी ने ही बताया कि ये एक्जांइटी और डिप्रेशन के लक्षण हैं। उन्होंने मुझे कुछ मेडिसिन्स भी दी। फिर भी लगातार संवाद जरूरी लगा।

बाद में मैं अपने घर बेंगलुरू चली गईं। हैप्पी न्यू इयर पूरी हो चुकी थी और नई फिल्म की शूटिंग शुरू होने वाली थी। इस बीच मैंने काम से छुट्टी ली और परिवार के साथ वक्त बिताया। वहां रहते हुए मुझे अच्छा महसूस होने लगा।

डिप्रेशन में भूख कभी ज्यादा लगती है, कभी कम, नींद भी अनियमित होती है। एंग्जाइटी होती है। थकान रहती है और ऊर्जा कम होती महसूस होती है। सिरदर्द रहता है, उदासी रहती है। काम में एकाग्रता नहीं रहती।

डिप्रेशन और एंग्जाइटी मन से संबंधित समस्या है। इसका इलाज भी उसी तरह से किया जा सकता है। ध्यान मन को स्थिर करने की सिद्ध विधि है। इस समस्या से जूझते मरीज को मेडिकेशन और काउंसलिंग के साथ-साथ ध्यान भी करना चाहिए। क्योंकि एंग्जाइटी अक्सर भूत-भविष्य के विचार से आती है। और ध्यान हमें वर्तमान में स्थिर करता है। इसलिए ध्यान को भी डिप्रेशन और एंग्जाइटी में उपयोगी माना जाता है।

 

 

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *